Tata के छुटेंगे पसीने! 10Min में फुल चार्ज..मिलेगा 1200 किमी रेंज

दुनिया की सबसे बड़ी कार उत्पादक कंपनियां ने पूरी दुनिया को एक घोषणा से चौका दिया है। टोयोटा कंपनी दावा करती है कि वह जल्दी इलेक्ट्रिक कारें की बैटरी पैक को कुछ इस प्रकार मैन्युफैक्चरिंग करने जा रही है की आने वाले समय में 1200 किलोमीटर की दूरी तय करेगी और साथ ही आपको चार्जिंग करने में मात्र 10 मिनट का समय व्यतीत करना पड़ेगा। क्या है संपूर्ण जानकारी लिए इस आर्टिकल के माध्यम से समझते हैं।

कंपनी दावा करती है कि वाहन उद्योग के लिए एक क्रांतिकारक आविष्कार होने जा रही है। जिससे उपभोक्ताओं को बैटरी की कैपेसिटी को लेकर बहुत ज्यादा समस्या रहती है उसे संपूर्ण तरीके से आप सुलझा दिया जाएगा।

टोयोटा की बैटरी

ऑक्सफ़र्ड यूनिवर्सिटी की ज़ीरो इंस्टिट्यूट के इंजीनियरिंग विभाग के निर्देशक का कहना है कि इलेक्ट्रिक कार को मैन्युफैक्चरिंग करके मार्केट में उतरना कोई बड़ी बात नहीं है बड़ी बात तो यह है कि इसकी बैट्री कैपेसिटी कितने बेहतर है क्योंकि कंपनी द्वारा बैटरी पर कार चलना उतनी नई बात नहीं है जितना लोग समझते हैं।

पॉल शिएरिंग ने बताया है कि कई दशकों से गाड़ी की लाइट के लिए सीसे की बैटरी का उपयोग किया जाता है जबकि गाड़ी को चलाने के लिए लिथियम आयन बैटरी का इस्तेमाल किया जाता है क्योंकि आधुनिक तकनीकी को देखते हुए अब जितने भी मार्केट में इलेक्ट्रिक गाड़ियां पेश की जाती है उसमें लिथियम आयन बैटरी का इस्तेमाल किया जाता है।

बैटरी पर चलने वाली गाड़ी का निर्माण 1990 ई के दशक में हुआ था जो पहली कार टोयोटा की हाइब्रिड कार में से एक थी जो 1997 ई में ग्लोबल लेवल पर लॉन्च किया गया था जो पेट्रोल के साथ बैटरी पर भी चलती थी।

कुछ ही दिनों बाद निसान ने पहले इलेक्ट्रिक कार बना डाली लेकिन पेट्रोल या डीजल पर चलने वाले कार और बैटरी पर चलने वाले करों के मुकाबले में कोई समानता देखने को नहीं मिला। जिसके कारण कंपनी को बहुत सारे परेशानी भुगतना पड़ा। 

क्योंकि हम सभी को पता है कि पेट्रोल का ऊर्जा घनत्व काफी अधिक होता है। लेकिन बैटरी का टेक्नोलॉजी अभी तक उसे स्तर तक नहीं पहुंची है लेकिन इस समय बहुत सारे इलेक्ट्रिक कार में मिसाल तौर पर लिथियम बैटरी आयरन की उपयोगिता के कारण कम समय में तेजी रफ्तार से इलेक्ट्रिक कार ऑन रोड पर चलती है।

बैटरी के संबंध में टोयोटा कंपनी का खुलासा

टोयोटा कंपनी दावा करती है कि वह जल्द ही लिथियम आयन बैटरी की जगह सॉलिड स्टेट बैटरी का इस्तेमाल मैन्युफैक्चरिंग करने जा रहा है। और कार में हो रही बैटरी को लेकर समस्याओं को विमुख करेगी। लिथियम आयन बैटरी में लिक्विड और तरल इलेक्ट्रोलाइट का इस्तेमाल होता है जबकि सॉलिड स्टेट बैटरी में इलेक्ट्रोलाइट होता है। जो किफायती कीमत के साथ आती है। कई सालों से टोयोटा प्रतिद्वंदी निसान, बीएमडब्ल्यू और मर्सिडीज़ इन सभी पर काम कर रही है क्योंकि इनके कई फायदे हैं।

पॉल शिएरिंग का मानना है की सॉलिड स्टेट बैटरी में ज्यादा ऊर्जा भरी जाती है जिसकी वजह से कार अत्यधिक रेंज प्रोवाइड करावेगी साथ में बहुत ही तेजी से चलेगी। दूसरी फायदा यह भी है कि बहुत ही कम समय में चार्ज हो जाएगी।

जिससे चार्जिंग स्टेशन पर छोटी कटारे होगी और तीसरा लास्ट फायदा यह है कि लिथियम आयन बैट्री की तुलना में यह अधिक सुरक्षित होगी। इन सभी फायदे के वजह से इलेक्ट्रिक वाहनों के बाजार में क्रांतिकारी एवं बदलाव देखने को मिल सकता है।

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Suman Satya: A passionate content writter with over 2 year Experience in Auto Sector. He brings his expertise and skill set to the auto section, providing readers accurate insights. Currently working as a Sub-Editor
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